Ticker

7/recent/ticker-posts

जीवन के अहम पहलू | Important Aspects Of Life

जीवन के अहम पहलू | JEEVAN KE AHAM PAHALOO | Important Aspects Of Life In Hindi By Saral Vichar


जीवन को हँसते-खेलते जीना चाहिए..

ऐसा कहा जाता है....लेकिन कई लोग बचपन में ही खेलना भूल जाते हैं, और जिम्मेदारियों का बोझ उनकी हँसी को धीरे-धीरे दबा देता है।

अगर कभी कोई निर्णय गलत भी हो जाए, तो चिंता की बात नहीं, बस अपने आप पर विश्वास रखिए। जीवन को किसी भी मोड़ से फिर से शुरू किया जा सकता है।

जब अपने हाथों से कोई अच्छा काम कर लेते हैं, तो वही दिन हमारे चेहरे पर सुकून और मुस्कान छोड़ जाता है।

दिल से निकली बातें सीधा दिल तक पहुँचती हैं और हमेशा कुछ नया एहसास कराती हैं।

कुछ लोग हमारे जीवन में आकर हमें बदल देते हैं, और कुछ लोग ऐसे होते हैं जिनसे मिलने के बाद हमारा पूरा जीवन ही बदल जाता है।

कोई उसे भगवान कहता है, कोई किस्मत, कोई प्रकृति, तो कोई संयोग, लेकिन सच यह है कि हमारे सुख-दुख का कोई न कोई धागा एक अनजानी शक्ति से जुड़ा होता है।
वही शक्ति हमें किसी न किसी रिश्ते में बाँध देती है।कभी खून के रिश्ते में, कभी भावनाओं के रिश्ते में, तो कभी किसी जरूरत के रिश्ते में।

जैसे समुंदर में तूफान के बीच टूटे-फूटे टुकड़ों का सहारा लेकर लोग लहरों पर तैरते हुए एक-दूसरे के करीब आ जाते हैं, वैसे ही इस बड़ी दुनिया में भी लोग एक-दूसरे से जुड़ जाते हैं।
कोई हमें जन्म देता है, कोई हमारा पालन-पोषण करता है, कोई हमें पढ़ाता है और सही रास्ता दिखाता है।

कई लोग यूँ ही संयोग से हमारे जीवन में आते हैं... लेकिन धीरे-धीरे वे ऐसे घुल-मिल जाते हैं कि उनका जीवन ही हमारा हिस्सा बन जाता है।

इस जीवन-यात्रा में एक ही बात जरूरी है , अपने लोगों से, अपने रिश्तों से जुड़ाव बनाए रखना। दूसरों का जीवन भी खिले, इसके लिए जो भी अच्छा कर सकते हैं, वह करते रहना चाहिए।

दो चीजें इंसान को अपनों से दूर कर देती हैं, अहंकार और गलतफहमियाँ।
गलतफहमी इंसान को सच सुनने नहीं देती, और अहंकार उसे सच देखने नहीं देता।
गलतफहमियाँ मैगी जैसी होती हैं। बस दो मिनट में बन जाती हैं। इनका इलाज यही है कि गरम रहते ही इन्हें सुलझा लो, नहीं तो ये मन में चिपक जाती हैं और हटती नहीं।

जिस दिन मन हार जाता है, उसी दिन इंसान भी टूट जाता है। अगर मन मजबूत रहे, तो बड़ी से बड़ी मुश्किल भी हँसी-खुशी पार की जा सकती है।
इंसान पहले मन से टूटता है, तभी शांत पानी में भी उसकी नाव डूब जाती है।
कठिनाइयों से गुजरे बिना जिंदगी की कीमत समझ नहीं आती। जैसे दम घुटे बिना साँसों की अहमियत नहीं समझ आती।

जायदाद के कई वारिस हो सकते हैं, लेकिन कर्म के वारिस हम खुद ही होते हैं।
एक झूठ को छुपाने के लिए दस झूठ और बोलने पड़ते हैं, और बार-बार चिंता करनी पड़ती है। इसलिए सच बोलने की आदत डालो, ताकि चिंता से मुक्ति मिले।

कोई भी रिश्ता अपने आप नहीं टिकता । उसे निभाने के लिए दिल से मेहनत करनी पड़ती है, निःस्वार्थ भाव रखना पड़ता है।

हर किसी का जीवन सुंदर है, बस उसे खुश रहकर जिएँ, और दूसरों को भी खुश रहने दें।
मन में स्वार्थ और घमंड न पालें...क्योंकि किस पर कब मुश्किल वक्त आ जाए, यह कोई नहीं जानता।

-सरल विचार

-----------------------------------------------

Topics of Interest

happy life, जीवन के मूल्य, relationships, bonding, खुशहाल जीवन, self growth, mindful living, trust & honesty, life lessons, kindness, positive thinking, life balance


एक टिप्पणी भेजें (POST COMMENT)

0 टिप्पणियाँ