ईश्वर को पाने से ज्यादा सरल और कोई बात नहीं है। ईश्वर अत्यधिक सरल है, सरलतम है, ईश्वर को पाने से ज्…
Read more »बौराए आम के पेड़ वाले आंगन से आती खड़खड़ाहट की आवाजें। लगता है, अम्मा ने फिर आज बर्तन वाली बाई के ल…
Read more »पहली बार नेहा ने महसूस किया कि घर में किसी बड़े बुज़ुर्ग की उपस्थिति और नानी दादी जैसा स्नेह बच्चों…
Read more »"अजी सुनते हो? रोहन को कंपनी में जाकर टिफ़िन दे आओगे क्या?" "क्यों, आज रोहन टिफ़िन …
Read more »वह नाश्ता करके दफ़्तर जाने की तैयारी में ही था कि फ़ोन की घंटी बजी। दीपेश बड़े ही कातर स्वर में ब…
Read more »एक अखबार वाला प्रात:काल लगभग 5 बजे जिस समय अख़बार देने आता था, उस समय रमेश बाबू उसको अपने मकान की ग…
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