एक बड़े शहर में " Get Husband " नामक एक स्टोर खुला। यह 6 मंजिला स्टोर था और हर मंजिल पर हसबेंड पसंद किया जा सकता था।
पहली मंजिल से आगे बढ़ते जाने पर और
बढ़िया हसबेंड
की गारंटी थी। हर मंजिल
पर लिखा था कि वहाँ किन विशेषताओं वाले
आदमी मिलेंगे।
एक महिला हसबेंड पसंद करने उस स्टोर में गयी।
पहली मंजिल--- इन पुरुषों के पास
नौकरी है।
महिला आगे बढ़ गयी और दूसरी मंजिल
पर गयी।
दूसरी मंजिल--- इन पुरुषों के पास
नौकरी भी है और ये
बच्चों को भी प्यार करते हैं।
महिला और आगे बढ़ी।
तीसरी मंजिल--- इन पुरुषों के पास
नौकरी है। ये बच्चों को प्यार भी करते
हैं और बहुत खूबसूरत भी हैं।
"वाह"....महिला ने सोचा लेकिन वह और आगे बढ़ी।
चौथी मंजिल--- इन पुरुषों के पास
नौकरी है। ये बच्चों को प्यार करते हैं। बहुत
खूबसूरत भी हैं और ये घरेलू कामों में हाँथ
भी बंटाते हैं।
" वाह, और मुझे क्या चाहिए? " उसने सोचा लेकिन वह और
आगे बढ़ी।
पांचवीं मंजिल--- इन पुरुषों के पास
नौकरी है। ये बच्चों को प्यार करते हैं। बहुत
खूबसूरत हैं। घरेलू कामों में हाँथ भी बंटाते हैं और
बहुत रोमांटिक मिजाज के भी हैं।
महिला वहाँ बहुत खुश हुई। थोड़ा रुकी लेकिन फिर
आगे बढ़ गई और
छठवीं मंजिल पर पहुंची।
छठवीं मंजिल पर लिखा था--- आप इस
छठवीं मंजिल की विजिटर नंबर
31,456,012 हैं। इस मंजिल पर कोई पुरुष
नहीं है। इस मंजिल पर आप
अकेली हैं जो इस बात का सबूत है
कि संतोषी होना औरत के लिए असम्भव है।
( हसबेंड स्टोर में शापिंग के लिए आने का बहुत बहुत
धन्यवाद )
उपरोक्त स्टोर के मालिक ने ही एक और स्टोर,
इसी स्टोर के सामने सड़क के पार खोला। नाम था
"Get Wife "
पहली मंजिल पर लिखा था--- ये
स्त्रियाँ पुरुषों की सुनती हैं।
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दूसरी। तीसरी।
चौथी। पांचवीं और
छठवीं मंजिल पर विजिट के लिए
कभी भी कोई पुरुष
नहीं गया।
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पत्नी---" अजी सुनते हो। "
पति---" क्या है ? "
पत्नी---" मैंने घर पर हल्दी कुमकुम का कार्यक्रम रखा है। जो महिलायें आएँगी, उन्हें क्या दूँ ? "
पति---" मेरा मोबाइल नंबर दे दे। "
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What is "GENERATION GAP"?
माताओं द्वारा अपने बेटों को दी गई सलाह में बदलाव:
1964 ........ बेटा! अपनी जाति की लड़की से ही शादी करो
1974 ........ बेटा! अपने धर्म की लड़की से ही शादी करो
1984 ........ बेटा! अपनी हैसियत की लड़की से ही शादी करो
1994 ........ बेटा! अपने देश की लड़की से ही शादी करो
2004 ......... बेटा! अपनी उम्र की लड़की से ही शादी करो
2014 ........ बेटा..!! लड़की से ही शादी करो..!!
राजू कालेज से मेरा रिजल्ट देख आना और आकर बताना। घर पर मेरे मम्मी पापा मेरे साथ होंगे।
यदि मैं एक विषय में फेल हुआ तो कहना..
जय श्री राम...
और दो में फेल हुआ तो कहना..
जय श्री कृष्ण जय श्री कृष्ण
और तीन में फेल हुआ तो कहना..
ब्रह्मा विष्णू महेश की जय..
राजू कालेज से रिजल्ट
" बोल सांचे दरबार की जय "
यदि आप पति हो और कभी एकदम सुबह 4.00 बजे जाग जाओ, और चाय पीने की इच्छा हो जाए, जो कि......स्वाभाविक है, तो आप सोचेंगे कि.....चाय खुद ही बनाऊं या प्रिय अर्धांगिनी को जगाने का दुःसाहस करूँ.....? दोनो ही स्थितियों में आपको निम्नलिखित भयंकर परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है... और आप कुछ भी करो, आपको..."चार बातें"...तो सुननी ही है, जो कि वास्तव में 40-50 कम नहीं होती हैं...
पहली परिस्थिति -
आपने खुद ही चाय बनाई...
आपने यदि खुद चाय बना ली, तो सुबह-सुबह ब्रह्म- मुहूर्त में आठ बजे जब भार्या जागेगी तब, आपको सुनना ही है...
क्या ज़रूरत थी खुद बनाने की, मुझे जगा देते, पूरी पतीली "जला कर", रख दी, और वह "दूध की पतीली" थी, "चाय वाली" नीचे रखी है "दाल भरकर....
विश्लेषण --
चाय खुद बनाने से पत्नी दुखी हुई / शर्मिंदा हुई या कुछ और, आप कभी भी समझ नहीं पाएंगे, दूसरा ये कि......"दूध की पतीली" में "चाय" बनाना तो गुनाह है, लेकिन "चाय की पतीली" में "दाल" भरकर रखी जा सकती है....
दूसरी परिस्थिति -
आपने पत्नि को चाय बनाने के लिए जगा दिया...
यदि आपने गलती से भी पत्नी को जगा दिया तो, आप सुनने के लिए तैयार रहिये---- "मेरी तो किस्मत ही ख़राब है, एक काम नहीं आता इस आदमी को, पिताजी ने जाने क्या देखा था, आधी रात को चाय चाहिए इन्हें....अभी अभी तो, पीठ सीधी की थी और इनकी फरमाइशें हैं कि, ख़त्म ही नहीं हो रही हैं, दिन देखते हैं, न रात....?? चाय बनकर, पी कर ख़त्म भी हो जाएगी पर 'श्लोक-सरिता' का प्रवाह चलता ही रहेगा...!!
तीसरी परिस्थिति :-
एक अन्य विचित्र परिस्थिति....
यदि आप चाय खुद बना रहे हैं.......और शक्कर के डिब्बे में शक्कर आधा चम्मच बची है, तो आपके दिमाग में विचार आएगा ही कि बड़े डिब्बे से निकालकर इसमें टॉप-अप कर देता हूँ, यदि आपने ऐसा किया तो पता है क्या सुनोगे....?? शायद आप सोच रहे होंगे कि, आपने बहुत शाबाशी वाला काम किया,
नहीं... बल्कि आपको....शर्तिया ये सुनना पड़ेगा -- "किसने कहा था शक्कर निकालने को ? मुझे वह डिब्बा, आज मंजवाना था"
निष्कर्ष --
संसार में पत्नी की नजरों में पति नाम का जो जीव होता है, उसमे अकल का बिल्कुल ही अभाव होता है...!! "सर्व-गुण-संपन्न"......तो उसके "पापा" होते हैं, और या फिर "प्रतापगढ-वाले-जीजाजी"....।
इसलिए सभी पतिओं को, मेरी सलाह है कि, कभी सुबह-सुबह नींद खुल जाए, तो वापस मुंह ढांक कर सो जाएं, उसी में भलाई है...😃😃
SARAL VICHAR

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